जो प्राचीनों के लिए है,
वह सभी मसीहियों के लिए अनिवार्य है।
प्राचीन योग्यतांए सभी मसीही
1 तीमुथियुस 3ः2 निर्दोष (निष्कलंक) 1तीमुथियुस 5ः4; 6ः14
1 तीमुथियुस 3ः2 संयमी (चौकस) 1पतरस 1ः3; 4ः7; 5ः8
1 तीमुथियुस 3ः2 सभ्य तीतुस 2ः2, 5;
(समझदारः गम्भीर) रोमियों 12ः3
1 तीमुथियुस 3ः2 पहुनाई करने वाला रोमियों 12ः13; इब्रानियों 13ः2
1 तीमुथियुस 3ः2 सिखाने में निपुण इब्रानियों 5ः12
1 तीमुथियुस 3ः3 (पियक्कड़ नहीं) तीतुस 2ः3,
(शराबी नहीं) इफिसियों 5ः18
1 तीमुथियुस 3ः3 कोमल (सहनशील) फिलिप्पियों 4ः5; कुलुस्सियों 3ः13;
तीतुस 3ः2
1 तीमुथियुस 3ः3 झगड़ालू नहीं याकूब 4ः2
(न झगड़ालू; न मारपीट करने वाला) 2तीमुथियुस 2ः24
1 तीमुथियुस 3ः3 धन का लोभी न हो 1 तीमुथियुस 6ः10, 2तीमुथियुस 3ः2
1 तीमुथियुस 3ः4 बच्चे आज्ञाकारी, आदर करने वाले हों इफिसियों 6ः1-4
1 तीमुथियुस 3ः4 बाहरवालों में सुनामी हो 1पतरस 2ः12-16
तीतुस 1ः8 न्यायी (न्यायप्रिय) कुलुस्सियों 4ः1
तीतुस 1ः8 (समर्पित) पवित्र इफिसियों 4ः24; 1तीमुथियुस 2ः8
तीतुस 1ः8 आत्मसंयमी (मिताचारी) गलतियो 5ः23
प्राचीनों की तीन योग्यताएं हैं।
प्राचीन
(1) ‘‘एक ही पत्नी का पति’’ होना चाहिए,
(2) उसके ‘‘बच्चे विश्वासी’’ हों,
(3) और वह ‘‘नया चेला न हो’’ (1तीमुथियुस 3ः2, 6; तीतुस 1ः6)।
(यद्यपि विवाहित मसीही का एक ही जीवन साथी होना चाहिए, परन्तु अविवाहित पुरूष व स्त्री भी मसीही बन सकते हैं।)
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